इसरो ने आदित्य L1 सौर अन्वेषण मिशन सफलतापूर्वक लॉच किया। यह मिशन सूर्य की हलचलों, सौर तूफानों और कोरोनल मास इजेक्शन का अध्ययन करता है। इस सफलता से भारत विश्व के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने सौर अन्वेषण मिशन सफलतापूर्वक संचालित किए हैं।
Chandrayaan-3 की सफलता के बाद इसरो ने आदित्य L1 को Halo Orbit में सफलतापूर्वक स्थापित किया। इससे सौरमंडल के मौसम की बेहतर भविष्यवाणी हो सकती है।
Gaganyaan मिशन के तहत लाखों की कोशिशें जारी हैं। 2026 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जा सकते हैं। इससे भारत चुनिंदा देशों की श्रेणी में आएगा।
इसरो का बजट ें वृद्धि हो रही है। निजी कंपनियां इसरो के साथ Satellite Launch के क्षेत्र में आ रही हैं। दुनिया के काफी देश इसरो से सर्विस ले रहे हैं।
भारत अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयां छू रहा है। इसरो की सफलताओं ने देश के नौजवानों को विज्ञान और तकनीक को करियर चुनने के लिए प्रेरित किया है।