भारत और चीन के संबंध हमेशा जटिल रहे हैं। गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों ने सीमा पर शांति के लिए वार्ताएं शुरू की हैं। 2026 में दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध फिर से सुधरने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन बॉर्डर पर तनाव है। लद्दाख के पास दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने रहती हैं। भारत ने अपनी सेना को विशेष रूप से सशक्त किया है।
व्यापार के मोर्चे पर क्वाड देशों ने मिलकर चीनी माल पर आयात शुल्क बढ़ाए। चीन की अर्थव्यवस्था के साठ साथ उसकी सेना विस्तार भी भारत के लिए चिंताजनक है।
भारत ने Make in India और China Plus One नीति से प्रोडक्शन बढ़ाया है। विदेशी निवेशक भारत में आने लगे हैं। भारत-चीन व्यापार में चीन का पलड़ा हमेशा भारी रहा है।
दोनों देशों का संबंध जटिल है, लेकिन वार्ताका रास्ता खुला है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी देश के दबाव को नहीं मानेगा। देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।