पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में हमेशा चर्चा का विषय रही हैं। 2026 में अंतरराष्ट्रीय करुड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय पेट्रोल-डीजल दरों पर पड़ता है।
OPEC के फैसलों और ऐनर्जी सेक्टर में बदलावों के कारण पेट्रोल की कीमत बढ़ सकती है। वहीं आइल कंपनियां भारत में खुदरा दरों को प्रभावित करती हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की अतिरिक्त वृद्धि से पेट्रोल की मांग कुछ हद तक कम हुई है। सरकार EV नीति को बढ़ावा दे रही है जिससे कार्बन एमिशन कम हो।
अनेक राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा है। आम यातृयों और मاल ढ़هاने वाले वाहनों के लिए इससे बड़ी परेशानी हुई है।
विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि आने वाले सालों में EV और हाइड्रोजन वाहनों की संख्या बढ़ने से पेट्रोल की मांग कम होगी।