भारत में बिजली की दरें में बढ़ोतरी आम आदमी के लिए चिंता का विषय बन गई है। विभिन्न राज्यों में बिजली दरों में अंतर होता है। महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बिजली दरें अलग-अलग हैं।
सोलर और विंड एनर्जी के अवसर से बिजली दरें में कमी आ सकती है। सरकार नवीनीकरणीय उर्जा को बढ़ावा दे रही है। 2030 तक कुल उर्जा का 50% नवीनीकरणीय स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या अभी भी है। लोड शेडिंग और बिजली कटौती से किसानों को दिक्कत होती है। सरकार ने 2026 तक हर घर तक बिजली पहुंचाने का वादा किया था।
उद्योगों पर बिजली की लागत का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ता है। इसलिए सरकार बिजली दरों को नियंत्रित रखने की कोशिश करती है।
आने वाले सालों में नवीनीकरणीय उर्जा से भारत की उर्जा जरूरतें पूरी हो सकती हैं और बिजली दरें सतंतुलित होंगी।